लुधियाना 03 जून 2017(नील कमल सोनू): जब बच्चे टीवी, वीडियो गेम्स और इंटरनेट से दूर होते हैं, तभी अपनी कलात्मक क्षमता को पहचान असली दुनिया- असली लोगों, भावनाओं और गतिविधियों से जुड़ पाते हैं। उन्हें ये समझ आ जाता है की हमेशा बोहत कुछ करने को है और इसके लिए समर कैंप एक विश्वसनीय उदाहरण के तौर पर लिया जा सकता है जिसमे बच्चे खुद को कुछ ऐसे ही वातावरण में पाते है। फोर्टिस हॉस्पिटल लुधियाना ने में 5 से 15 साल तक के बच्चों के लिए समर कैंप का आयोजन किया गया। ये कैंप हॉस्पिटल के डायरेक्टर, विवान सिंह गिल की देख रेख में आयोजित हुआ।

इस कैंप का मकसद बच्चों की खेल, कलात्मक और साहसिक क्षमता को सही दिशा देना और निखारना था जिसके लिए विभिन प्रकार की एक्टिविटीज करवाई गयीं। कार्यक्रम की शुरुआत सुबह हुई जिसमे बच्चों ने गायकी, नृत्य, सिंगिंग, सामूहिक चर्चा, चित्रकारी और विशेष रूप से डिजाइन की गई गतिविधि "खुद का कैसे परिचय दें में भाग लिया। जिससे उन्हें खुद की प्रतिभाओं को समझने का मौका मिला और अपने दोस्तों एवं पेरेंट्स के सामने परफॉर्म करने से उनके आत्मविश्वास में वृद्धि भी हुई। बच्चों के लिए आयोजित नेतृत्व स्पर्धा इन सब में से ख़ास रही जिससे बच्चों की नेतृत्व करने की क्षमता को भी उजागर हुई। इसमें उन्हें विभिन्न परिस्थितिया दी गयी जिनको उन्होंने सबसे नवीन और रचनात्मक तरीको से सुलझाने का कार्य मिला।

छोटे बच्चों के लिए भी कई प्रतिस्पर्धाए आयोजित हुई, जैसे के:

  • अपने रंग का पता लगाएं
  • नाम एवं गतिविधि और परिचय
  • सत्र दो - मुखरता
  • सत्र तीन - शारीरिक हाव-भाव 
  • चलो और देखो
  • डम्ब शारदश 
  • चाइनीज़ व्हिस्पर ( 15 मिनट )
  • हाँ-ना
  • एयर रेड 
  • यूनिटी सर्कल


ये सभी गतिविधियां बच्चों के लिए प्रेरणा का स्रोत साबित हुई जिसमे उन्हें नए मित्र बनाने और मनोरंजन करने का भी मौका मिला। ये सारा आयोजन फोर्टिस हॉस्पिटल के मनोविज्ञान और मार्केटिंग टीम द्वारा किया गया था।
 
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